शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ कमलासनसंस्तुताय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपब्रह्मा-पूजित
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
ब्रह्मा (कमलासन) द्वारा स्तुत देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सृजनात्मक (Creative) शक्ति का विकास
विस्तृत लाभ
सृजनात्मक (Creative) शक्ति का विकास।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
जो महर्षि भृगु के पवित्र वंश को आनंदित करने वाले हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: कुल-गोत्र की वृद्धि) 19।
ॐ हुं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट्॥
तप्तकाञ्चन संकाशश्चाष्टहस्तो महातनुः । दीप्ताङ्कुशं शरं चाक्षं दन्तं दक्षे वहन् करैः ॥ वामे पाशं कार्मुकं च लतां जम्बू दधत् करैः । रक्तांशुकः सदा भूयाद् दुर्गागणपतिर्मुदे ॥
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं धान्य लक्ष्म्यै नमः।
ॐ बाहू द्वौ चन्द्रवदना पातु।
स ब्रह्मा स शिवः स इन्द्रः सोऽक्षरः परमः स्वराट्। स एव विष्णुः स प्राणः स कालोऽग्निः स चन्द्रमाः॥