श्री राधा मंत्र
ॐ कामपीठविलासिन्यै नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
काम-पीठ (इच्छाओं के केंद्र) में आध्यात्मिक क्रीड़ा करने वाली।
इस मंत्र से क्या होगा?
यौनाचार की ऊर्जा का आध्यात्मिक ऊर्ध्वगमन (ऊर्ध्वरेता सिद्धि)
विस्तृत लाभ
यौनाचार की ऊर्जा का आध्यात्मिक ऊर्ध्वगमन (ऊर्ध्वरेता सिद्धि)।
जप काल
नित्य उपासना, शिवरात्रि या अमावस्या की मध्यरात्रि में रुद्राक्ष या मुण्ड माला से जप।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ नमो हनुमते महारुद्र अवताराय भूत प्रेत डाकिनी शाकिनी किल किल मारी मारी भैरव किल मसान किल मली किल चुड़ैल किल दैत्य किल ब्रह्म राक्षस किल... चल रे चल महा हनुमंते।
ॐ अनिरुद्धाय नमः
ॐ श्रीं ह्रीं जय लक्ष्मी प्रियाय नित्य प्रमुदित चेतसे लक्ष्मी स्रितार्थ देहाय श्रीं ह्रीं नमः
ॐ श्रीहरिप्रियायै नमः
ॐ ब्रह्मप्रकाशकाय नमः
ॐ सर्ववर्णात्मिकायै पादयुग्मं सदाऽवतु। (स्वरूप: सर्ववर्णात्मिका | लाभ: दोनों पैरों की रक्षा | अर्थ: समस्त अक्षर-स्वरूपा देवी मेरे पैरों की रक्षा करें) 8