ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

श्री राधा मंत्र

ॐ कण्ठं मे पातु नृहरिर्भूभृदनन्तकोटनः

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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स्वरूपकण्ठ (गला) / नृहरि
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

संपूर्ण पृथ्वी को धारण करने वाले नृहरि मेरे कण्ठ की रक्षा करें। (श्वास व स्वर दोषों का निवारण)।

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