शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ कस्तूरीमृगतोषिण्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारआद्या काली नाम-मंत्र
स्वरूपआद्या काली
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
कस्तूरी मृगों को प्रसन्न रखने वाली और उनकी रक्षक।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
वन्य जीवों और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता का उदय
विस्तृत लाभ
वन्य जीवों और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता का उदय।
जप काल
नित्य उपासना, शिवरात्रि या अमावस्या की मध्यरात्रि में रुद्राक्ष या मुण्ड माला से जप।
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अयं यः सृञ्जये पुरो दैववाते समिध्यते । द्युमाँ अमित्रदम्भनः ॥
त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥
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ॐ सुदर्शनाय विद्महे महाज्वालाय धीमहि तन्नो चक्रः प्रचोदयात्।
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