शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
पश्चिम रक्षा
कविजिह्वाग्रवासिन्यै स्वाहा मां वारुणेऽवतु। (अर्थ: कवियों की जिह्वा में बसने वाली देवी पश्चिम में रक्षा करें) 8
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ शाश्वताय नमः
इति श्रीप. प. श्रीवासुदेवानन्दसरस्वतीविरचितं श्रीपरशुरामस्तोत्रं संपूर्णम्॥
न च प्राणसंज्ञो न वै पंचवायुः... चिदानन्दरूपः शिवोऽहम् शिवोऽहम्॥
ॐ सर्वकूटशरीरिण्यै नमः
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं सिद्ध लक्ष्म्यै नमः।
पञ्चमं स्कन्दमातेति षष्ठं कात्यायनीति च। सप्तमं कालरात्रीति महागौरीति चाष्टमम्॥ नवमं सिद्धिदात्री च नवदुर्गाः प्रकीर्तिताः।