शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ लक्ष्मणप्राणदात्रे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपप्राण-रक्षक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
द्रोणागिरी से संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण जी को प्राण दान देने वाले को नमन।
जप काल
नित्य प्रातः काल, लाल आसन पर बैठकर रुद्राक्ष या लाल चंदन की माला से 108 नामों का क्रमशः उच्चारण करते हुए पुष्प अर्पित करें।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ राज्यप्रदाय नमः
ॐ परस्मै ज्योतिषे नमः
नारिकेलानम्र कदली गुड पायस धारिणम् । शरच्चन्द्र वपुषं भजे भक्त गणपतिम् ॥
उमासहायं परमेश्वरं प्रभुं त्रिलोचनं नीलकण्ठं प्रशान्तम्। ध्यात्वा मुनिर्गच्छति भूतयोनिं समस्तसाक्षिं तमसः परस्तात्॥
ॐ कामिन्यै नमः
भयार्तस्वजनत्राणतत्परं धर्मतत्परम्। गतगर्वप्रियं शूरं जमदग्निसुतुं मतम्॥