शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ निधिपतये नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारविशिष्ट सहस्रनाम-मंत्र (Specific Sahasranama Mantras)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
अष्ट-निधियों (अणिमा, महिमा आदि) के एकछत्र स्वामी और प्रदाता।
जप काल
रुद्राक्ष माला से मंगलवार का उपवास रखते हुए अभीष्ट सिद्धि हेतु।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
नमो गुहाय भूतानां गुहासु निहिताय च । अणोरणीयसे तुभ्यं महतोऽपि महीयसे ॥
ॐ महा काल्यै च विद्महे श्मशान वासिन्यै च धीमहि तन्नो काली प्रचोदयात
ॐ ह्रां ह्रीं हुं समस्त ग्रह दोष विनाशाय ॐ
ॐ इष्टमन्त्रस्वरूपिण्यै नमः
कृष्णाय वासुदेवाय देवकीनन्दनाय च । नन्दगोपकुमाराय गोविन्दाय नमो नमः ॥
जटाजूटसमायुक्ते लोलजिह्वान्तकारिणी। द्रुतबुद्धिकरे देवि त्राहि मां शरणागतम्॥