श्री राधा मंत्र
ॐ परन्तपाय नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
जो तपस्या की पराकाष्ठा और ब्रह्मांडीय तेज के स्रोत हैं, उन्हें नमस्कार है।
इस मंत्र से क्या होगा?
व्रत, उपवास और कठोर साधना के दौरान संकल्प में अटूट दृढ़ता
विस्तृत लाभ
व्रत, उपवास और कठोर साधना के दौरान संकल्प में अटूट दृढ़ता।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सरस्वत्यै स्वाहेति श्रोत्रं पातु निरन्तरम्। (स्वरूप: सरस्वती | लाभ: कानों, श्रवण-शक्ति व नाद-ग्रहण की रक्षा | अर्थ: सरस्वती मेरे कानों की निरंतर रक्षा करें) 8
ॐ दैत्यकुलान्तकाय नमः
या ते रुद्र शिवा तनूरघोराऽपापकाशिनी। तया नस्तनुवा शन्तमया गिरिशन्ताभिचाकशीहि॥
ॐ कमलालयामध्यस्थायै नमः
नमो शिव भैरवाय शत्रु नाशाय सर्वभूत दमनाय हुं फट् स्वाहा।
ॐ ह्रः ॐ सौं ॐ वैं ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीजयजय चण्डिकायै नमः। ॐ स्वीं स्वीं विध्वंसय विध्वंसय ॐ प्लूं प्लूं प्लावय प्लावय... (अति विस्तृत तांत्रिक शृंखला)... ॐ चामुण्डायै विच्चे स्वाहा। मम सकल मनोरथं देहि देहि, सर्वोपद्रवं निवारय निवारय... भञ्जय भञ्जय ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं स्वाहा॥