शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ रक्षोबलविमर्दनाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपरक्षक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
राक्षसों की शक्ति का मर्दन करने वाले को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
दुर्बलों की रक्षा करने की सामर्थ्य
विस्तृत लाभ
दुर्बलों की रक्षा करने की सामर्थ्य।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
नमो भगवते फट् भैरवाय... आकर्षय-2 आवेशय-2 मोहय-2 भ्रामय-2... ह्रां ह्रीं त्रिपुरतांडवाय अष्टभैरवाय भाषय-2 स्वाहा।
ॐ मान्यायै नमः
यः शुचिः प्रयतो भूत्वा जुहुयादाज्यमन्वहम्। सूक्तं पञ्चदशर्चं च श्रीकामः सततं जपेत्॥
ॐ दीर्घतपसे नमः
गजेन्द्रवदनं साक्षाच्चलकर्ण सुचामरम् । हेमवर्णं चतुर्बाहुं पाशाङ्कुशधरं वरम् ॥ स्वदन्तं दक्षिणे हस्ते सव्ये त्वाम्रफलं तथा । पुष्करे मोदकं चैव धारयन्तमनुस्मरेत् ॥
सहस्रशीर्षा पुरुषः सहस्राक्षः सहस्रपात्