शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ रमायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र;
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो सुख, कृपा और सौभाग्य (लक्ष्मी रूप) की दात्री हैं।
जप काल
तुलसी माला पर जप।
टिप्पणी
साधना की दृष्टि से इन नामों को ॐ और 'नमः' या 'स्वाहा' के सम्पुट के साथ जपा जाता है।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ महाबलाय वीराय चिरंजीविने उद्दते। हारिणे वज्र देहाय चोलंग्घितमहाव्यये॥
ॐ नमस्ते गणपतये ॥ त्वमेव प्रत्यक्षं तत्त्वमसि ॥ त्वमेव केवलं कर्ताऽसि ॥ त्वमेव केवलं धर्ताऽसि ॥ त्वमेव केवलं हर्ताऽसि ॥ त्वमेव सर्वं खल्विदं ब्रह्मासि ॥ त्वं साक्षादात्माऽसि नित्यम् ॥
श्री राम जय राम जय जय राम (Sri Ram Jaya Ram Jaya Jaya Ram)
ॐ लोहिताक्षाय नमः
ॐ कृत्तिकासूनवे नमः
ॐ शास्त्ररूपिण्यै नमः