शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ रत्नसिंहासनासीनाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपराजाधिराज
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
रत्नजड़ित सिंहासन पर विराजमान देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
जीवन में उच्च पद, ऐश्वर्य और स्थिरता
विस्तृत लाभ
जीवन में उच्च पद, ऐश्वर्य और स्थिरता।
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ॐ गुरुजी को आदेश गुरुजी को प्रणाम, धरती माता धरती पिता, धरती धरे ना धीर बाजे श्रृंगी बाजे तुरतुरी आया गोरखनाथ मीन का पूत मुंज का छड़ा लोहे का कड़ा हमारी पीठ पीछे यती हनुमंत खड़ा, शब्द सांचा पिंड काचा फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।
ॐ देवी स्कन्दमातायै नमः॥ 16
ॐ भूपतये नमः
ॐ अनेकात्मने नमः