शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ सहस्रबाहवे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपविराट नरसिंह
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनके युद्ध के समय हजारों हाथ प्रकट हो जाते हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
चारों दिशाओं से अकल्पनीय सहायता प्राप्त होना
02
साधक कभी असहाय नहीं होता
विस्तृत लाभ
चारों दिशाओं से अकल्पनीय सहायता प्राप्त होना; साधक कभी असहाय नहीं होता।
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ॐ गभस्तये नमः
ॐ त्रिलोकात्मने नमः
रक्तो रक्ताङ्गरागां शुक कुसुमायुत तुन्दिलश्चन्द्रमौलिः नेत्रैर्युक्तस्त्रिभिर्वामनकरचरणो बीजपूरं दधानः । हस्ताग्रक्लृप्त पाशाङ्कुश शरवरदो नागवक्त्रो हि भूषो देवः पद्मासनस्थो भवतु सुखकरो भूतये विघ्नराजः ॥
ॐ सोमसूर्याग्निलोचनाय नमः
ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः॥ 16
ॐ स्मितभाषिणे नमः