शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ सहस्राक्षाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपविराट स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनकी हजारों आँखें हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
प्रभु की सतत निगरानी
02
साधक कभी भी स्वयं को अकेला या असहाय महसूस नहीं करता
विस्तृत लाभ
प्रभु की सतत निगरानी; साधक कभी भी स्वयं को अकेला या असहाय महसूस नहीं करता।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ भारत्यीप्रियाय नमः
ॐ बलानुजाय नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये महादेवः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ लोककृते नमः
ॐ दुर्गमायुधधारिण्यै नमः
ॐ गुरुजी को आदेश गुरुजी को प्रणाम, धरती माता धरती पिता, धरती धरे ना धीर बाजे श्रृंगी बाजे तुरतुरी आया गोरखनाथ मीन का पूत मुंज का छड़ा लोहे का कड़ा हमारी पीठ पीछे यती हनुमंत खड़ा, शब्द सांचा पिंड काचा फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।