शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ सम्भवाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
धर्म रक्षार्थ स्वेच्छा से अवतार लेने वाले
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
संकट के समय ईश्वरीय सहायता
विस्तृत लाभ
संकट के समय ईश्वरीय सहायता 80
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ शक्तिपाणिमते नमः
नित्यलीलाप्रवेशं च ददाति श्रीव्रजाधिपः। अतः परतरं प्रार्थ्यं वैष्णवानां न विद्यते॥
ॐ त्रिशिखिने नमः।
तां म आवह जातवेदो लक्ष्मीमनपगामिनीम्। यस्यां हिरण्यं प्रभूतं गावो दास्योऽश्वान् विन्देयं पूरुषानहम्॥
काली कराली च मनोजवा च सुलोहिता या च सुधूम्रवर्णा। स्फुलिङ्गिनी विश्वरुची च देवी लेलायमाना इति सप्त जिह्वाः॥
ॐ श्रीं ह्रीं भगवत्यै स्वाहा नेत्रयुग्मं सदाऽवतु। (स्वरूप: भगवती | लाभ: नेत्रों और सूक्ष्म दृष्टि की रक्षा | अर्थ: श्रीं ह्रीं स्वरूपा भगवती मेरे दोनों नेत्रों की रक्षा करें) 8