शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ सर्वसिद्धाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनामावली मंत्र
स्वरूपसर्वसिद्ध
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
पूर्णता और परम सिद्धि
विस्तृत लाभ
पूर्णता और परम सिद्धि
जप काल
नाम जप।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
या रक्ताम्बुजवासिनी विलासिनी चण्डांशुतेजस्विनी, या रक्ता रुधिराम्बरा हरिसखी या श्री मनोल्हादिनी।
हुं नमो भगवते महाकाल भैरवाय कालाग्नितॆजसे अमुक शत्रुं मारय-मारय पोथय-पोथय हुं फट् स्वाहा।
ॐ महाद्युतये नमः
आपदामपहर्तारं दातारं सर्वसम्पदाम्। लोकाभिरामं श्रीरामं भूयो भूयो नमाम्यहम्॥
ॐ ह्रीं सरस्वत्यै स्वाहा शिरो मे पातु सर्वतः। (स्वरूप: ह्रीं-स्वरूपा सरस्वती | लाभ: मस्तिष्क और सहस्रार चक्र की सभी दिशाओं से रक्षा | अर्थ: ह्रीं बीज रूपी सरस्वती मेरे सिर की सब ओर से रक्षा करें) 8
ॐ सानन्दविभवायै नमः