शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ शिंशुमाराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपमत्स्य-नरसिंह
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो शिंशुमार (मत्स्य) रूप भी हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
समुद्री या जलीय यात्राओं में सुरक्षा तथा जल-तत्व से संबंधित भय का निवारण
विस्तृत लाभ
समुद्री या जलीय यात्राओं में सुरक्षा तथा जल-तत्व से संबंधित भय का निवारण।
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ॐ त्रिगुणात्मकाय नमः
वायव्ये कपाल भैरवाय नमः वायव्ये मां रक्ष रक्ष काल कंटकान् भक्ष भक्ष आवाहयाम्यहं इत्र तिष्ठ तिष्ठ हुं फट् स्वाहा।
ॐ शर्वाय नमः
गजेन्द्रवदनं साक्षाच्चलकर्ण सुचामरम् । हेमवर्णं चतुर्बाहुं पाशाङ्कुशधरं वरम् ॥ स्वदन्तं दक्षिणे हस्ते सव्ये त्वाम्रफलं तथा । पुष्करे मोदकं चैव धारयन्तमनुस्मरेत् ॥
ॐ काञ्चनाचलकौमुद्यै नमः
ॐ आर्यायै नमः