शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ शिशुपालशिरश्छेत्त्रे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-जप मन्त्र; ये मन्त्र वासुदेव, बाल-गोपाल, और द्वारकाधीश स्वरूपों का पूर्ण प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपशिशुपाल-संहारक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
शिशुपाल का सिर छेदन करने वाले को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
निन्दकों का शमन
विस्तृत लाभ
निन्दकों का शमन
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ श्री राधावल्लभाय नमः
ॐ कपिलायै नमः
ॐ सदाम्बिकायै स्वाहा वायव्ये मां सदाऽवतु। (अर्थ: सदाम्बिका देवी वायव्य कोण में रक्षा करें) 8
ॐ सर्वविद्यासम्पत्प्रदायकाय नमः
ॐ ह्रीं भीषण भैरवाय सर्व शाप निवारणाय मम वशं कुरु कुरु स्वाहा।
हरिद्रां चतुर्बाहुं हरिद्रावदनं प्रभुम् । पाशाङ्कुशधरं देवं मोदकं दन्तमेव च ॥ भक्ताभयप्रदातारं वन्दे विघ्नविनाशनम् ॥