शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ शिवस्वामिने नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपस्वामिनाथ
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
शिव को गुरु-रूप में ज्ञान देने वाले (स्वामिनाथ) को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
गुरु-तत्त्व की प्राप्ति व अहंकार का शमन
विस्तृत लाभ
गुरु-तत्त्व की प्राप्ति व अहंकार का शमन।
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जय श्री कृष्ण चैतन्य प्रभु नित्यानन्द श्री अद्वैत गदाधर श्रीवासादि गौर भक्त वृन्द
ॐ भूतकृते नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये अन्तश्चेतनात्मा तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
इति श्रीप. प. श्रीवासुदेवानन्दसरस्वतीविरचितं श्रीपरशुरामस्तोत्रं संपूर्णम्॥
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे। ॐ ग्लौं हुं क्लीं जूं सः ज्वालय ज्वालय ज्वल ज्वल प्रज्वल प्रज्वल ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ज्वल हं सं लं क्षं फट् स्वाहा॥
स्फुरन्मौलि कल्लोलिनी चारु गङ्गा। लसद्भालबालेन्दु कण्ठे भुजङ्गा॥