शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ श्री सुब्रह्मण्यस्वामिने नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपसुब्रह्मण्य स्वामी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
श्री सुब्रह्मण्य स्वामी को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
संपूर्ण समर्पण का भाव और ईश्वर की सायुज्यता
विस्तृत लाभ
संपूर्ण समर्पण का भाव और ईश्वर की सायुज्यता।
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ॐ परशौर्यविनाशनाय नमः
मार्गणाशोषिताभ्ध्यंशं पावनं चिरजीवनम्। य एतानि जपेन्द्रामनामानि स कृती भवेत्॥
महो अर्णः सरस्वती प्रचेतयति केतुना। धियो विश्वा विराजति॥
गजेन्द्रवदनं साक्षाच्चलकर्ण सुचामरम् । हेमवर्णं चतुर्बाहुं पाशाङ्कुशधरं वरम् ॥ स्वदन्तं दक्षिणे हस्ते सव्ये त्वाम्रफलं तथा । पुष्करे मोदकं चैव धारयन्तमनुस्मरेत् ॥
ॐ कदलीहोमसन्तुष्टायै नमः
ॐ विरूपाक्षाय नमः