शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ महागौरी ध्यान मंत्र
श्वेते वृषे समारूढा श्वेताम्बरधरा शुचिः। महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारध्यान मंत्र
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
श्वेत वृषभ पर सवार, श्वेत वस्त्र धारण करने वाली, महादेव को आनंदित करने वाली अत्यंत पवित्र माँ महागौरी शुभ फल दें 17।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ हौं जूं सः ॐ भूर्भुवः स्वः ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् ॐ स्वः भुवः भूः ॐ सः जूं हौं ॐ॥
ॐ महोत्साहायै नमः
ॐ भगवते नमः
ॐ सर्ववन्द्यायै नमः
ॐ कालकालाय विद्महे कालभैरवाय धीमहि तन्नो भैरवः प्रचोदयात्॥
हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे। हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे॥