श्री राधा मंत्र
ॐ सूर्यज्योतिषे नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
जो सूर्य और तारों की ज्योति (प्रकाश) के मूल स्रोत हैं, उन्हें नमस्कार है।
इस मंत्र से क्या होगा?
चक्षु-रोगों (आँखों की बीमारियों) का निवारण और मुख पर ओज (Aura) की वृद्धि
विस्तृत लाभ
चक्षु-रोगों (आँखों की बीमारियों) का निवारण और मुख पर ओज (Aura) की वृद्धि।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
हस्तीन्द्राननमिन्दुचूडमरुणच्छायं त्रिनेत्रं रसात् आलिष्टं प्रियया सपद्मकरया स्वाङ्कस्थया सन्ततम् । बीजपूर गदेक्षु कार्मुकलसच्चक्राब्ज पाशोत्पल व्रीह्यग्रस्वविषाण रत्नकलशान् हस्तैर्वहन्तं भजे ॥
वामदेवाय नमो ज्येष्ठाय नमः श्रेष्ठाय नमो रुद्राय नमः कालाय नमः कलविकरणाय नमो बलविकरणाय नमो बलाय नमो बलप्रमथनाय नमः सर्वभूतदमनाय नमो मनोन्मनाय नमः॥
ॐ जगद्गुरवे नमः
ह्रीं श्रीं हंसः ह्लसौं स्वाहा।
ॐ कारणव्रतपालिन्यै नमः
ॐ पुण्डरीकशुभावहाय नमः