शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ सुरसैन्यसुरक्षकाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपदेवसेनापति
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
देवताओं की सेना की रक्षा करने वाले देवसेनापति को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सामूहिक रक्षा व सैन्य सफलता
विस्तृत लाभ
सामूहिक रक्षा व सैन्य सफलता।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ हनुमान पहलवान पहलवान, बरस बारह का जबान, हाथ में लड्डू मुख में पान, खेल खेल गढ़ लंका के चौगान, अंजनी का पूत, राम का दूत, छिन में कीलौ नौ खंड का भूत, जाग जाग हड़मान हुँकाला, ताती लोहा लंकाला, शीश जटा डग डेरू उमर गाजे, वज्र की कोठड़ी ब्रज का ताला, आगे अर्जुन पीछे भीम, चोर नार चंपे ने सींण, अजरा झरे भरया भरे, ई घट पिंड की रक्षा राजा रामचंद्र जी लक्ष्मण कुँवर हड़मान करें।
ॐ आदिपुरुषाय नमः
ॐ महाकालाय नमः
हुं नमो भगवते महाकाल भैरवाय कालाग्नितॆजसे अमुक शत्रुं मारय-मारय पोथय-पोथय हुं फट् स्वाहा।
ॐ वराहाय नमः
ॐ पारगाय नमः