शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
वामन गायत्री मंत्र
ॐ तपोरूपाय विद्महे ब्रह्मचारिणे धीमहि तन्नो वामनः प्रचोदयात्।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपवामन अवतार
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
अहंकार का शमन और गुरु-कृपा की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
अहंकार का शमन और गुरु-कृपा की प्राप्ति 68।
जप काल
दान या तपस्या के समय।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ शतायुष्यप्रदात्रे नमः
ॐ क्षुद्रघण्टायै नमः
पूरो मंत्र ईश्वरों वाचा ओम हनुमत वेदर वेग वेग आओ अमुक बंधी को बंधन से छुड़ाओ भेड़ी तोड़ो ताला तोड़ो बंधन धन तोड़ो मोडा अमुक बंधी को बंधन से छुड़ाओ मेरी भक्ति गुरु की शक्ति। पूरो मंत्र ईश्वरों वाचा।
ॐ भैरवाडम्बराय नमः
स्तुवन्ति ये स्तुतिभिरमीभिरन्वहं त्रयीमयीं त्रिभुवनमातरं रमाम्। गुणाधिका गुरुतरभाग्यभागिनो भवन्ति ते भुवि बुधभाविताशयाः॥
ॐ नित्यक्रीडाय नमः