शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
उमासुत मंत्र
ॐ उमासुताय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारपारिवारिक शांति मंत्र
स्वरूपउमासुत
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
उमा (पार्वती) के पुत्र को नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
मातृ-सुख की प्राप्ति और पारिवारिक कलह की शांति
विस्तृत लाभ
मातृ-सुख की प्राप्ति और पारिवारिक कलह की शांति।
जप काल
घर-परिवार में क्लेश के समय।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
आवत हियँ हरषीं नहिं नैनन्हि नहिं सनेह। तुलसी तहाँ न जाइये कंचन बरसे मेह॥
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये देवासुरमनुष्यबोधः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ परमधार्मिकाय नमः
ॐ मांसाशिने नमः।
ॐ ह्रीं श्रीं त्र्यक्षरो मन्त्रो नैर्ऋत्यां मे सदाऽवतु। (अर्थ: त्र्यक्षरी मन्त्र नैऋत्य कोण में रक्षा करे) 8
ॐ रविकोट्युदयप्रभाय नमः