शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ वैष्णव्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारशतनाम मंत्र |
स्वरूपआदिशक्ति भवानी |
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
भगवान विष्णु की अजेय शक्ति
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सर्वांगीण विकास एवं दरिद्रता नाश)
विस्तृत लाभ
सर्वांगीण विकास एवं दरिद्रता नाश)
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ श्रीकृष्णप्रियवादिन्यै नमः
ॐ करदायै नमः
क्लीं कृष्णाय गोविन्दाय गोपीजनवल्लभाय स्वाहा
बालार्कारुणकान्तिर्वामे बालां वहन् अङ्के । लसदिन्दीवर हस्तं गौराङ्गीं रत्नशोभाढ्याम् ॥ दक्षे अङ्कुश वरदानं वामे पाशं च पायसं पात्रम् । नीलांशुक समान पीठपद्मारुणे तिष्ठन् संकटहरणः पायात् ॥
ॐ क्लीं कृष्णाय गोविन्दाय गोपीजनवल्लभाय पराय परमपुरुषाय परमात्मने परकर्म-मन्त्र-यन्त्र-तन्त्र-औषधास्त्र-शस्त्राणि संहर संहर मृत्योर्मोचय मोचय...
सहस्राणि सहस्रशो ये रुद्रा अधि भूम्याम्। तेषां सहस्रयोजनेऽवधन्वानि तन्मसि॥