शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ वेदगर्भाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपवेद-ज्ञानी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
वेदों को अपने भीतर (गर्भ में) धारण करने वाले को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
श्रुति और स्मृति शास्त्रों का स्वतः स्फुरण
विस्तृत लाभ
श्रुति और स्मृति शास्त्रों का स्वतः स्फुरण।
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ॐ वरात्मने नमः।
ॐ शृतं मे मा प्रहासीः अनेनाधीतेनाहोरात्रान्सन्दधामि ऋतं वदिष्यामि सत्यं वदिष्यामि। तन्मामवतु तद्वक्तारमवतु अवतु मामवतु वक्तारमवतु वक्तारम्। ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥
तां म आवह जातवेदो लक्ष्मीमनपगामिनीम्। यस्यां हिरण्यं विन्देयं गामश्वं पुरुषानहम्॥
ॐ मनोजवाय नमः
ॐ भस्मोद्धूलितविग्रहाय नमः
ॐ क्रव्यादोपनिबर्हिण्यै नमः