शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ वेदजनन्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपवेदजननी
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
नवीन ज्ञान और साहित्य सृजन की क्षमता
विस्तृत लाभ
नवीन ज्ञान और साहित्य सृजन की क्षमता
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ वायुसारथये नमः
ॐ वर्णिनें नमः
ॐ वसुप्रदायै नमः
पाँचों त्रिशेम चलें, लांगुरिया सलार चलें। भीम की गदा चले, हनुमान की हाँक चले। नाहर की धाक चलै, नहीं चलै, तो हजरत सुलेमान के तखत की दुहाई है। एक लाख अस्सी हजार पीर व पैगम्बरों की दुहाई है। चलो मन्त्र, ईश्वर वाचा। गुरु का शब्द साँचा।
ॐ कारणामृतसन्तोषायै नमः
ॐ राधाकृष्णभ्यां नमः