शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ विश्वाकाराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारविशिष्ट सहस्रनाम-मंत्र (Specific Sahasranama Mantras)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो विश्व के आकार में ढले हुए हैं और विश्व में समाहित हैं।
जप काल
रुद्राक्ष माला से मंगलवार का उपवास रखते हुए अभीष्ट सिद्धि हेतु।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ आह्लादजनन्यै नमः
ॐ जाड्यविध्वंसनकर्त्र्यै नमः
ॐ कंसप्रध्वंसकारिणे नमः
मुनीन्द्रवृन्दवन्दिते त्रिलोकशोकहारिणि प्रसन्नवक्त्रपङ्कजे निकुञ्जभूविलासिनि। व्रजेन्द्रभानुनन्दिनि व्रजेन्द्रसूनुसङ्गते कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥ मुनीन्द्र-वन्दिते (ऋषियों द्वारा वंदित)
ॐ पञ्चकूटायै नमः
ॐ वल्लीकल्याणसुन्दराय नमः