युगल सीता-राम मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं रां रामाय रघुनन्दनाय जानकीवल्लभाय स्वाहा
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
सरस्वती (ऐं), शक्ति (ह्रीं) और लक्ष्मी (श्रीं) के बीज स्वरूप, जानकी के प्रिय रघुनंदन राम को यह आहुति समर्पित है।
इस मंत्र से क्या होगा?
दाम्पत्य जीवन में अखंड प्रेम, ऐश्वर्य, ज्ञान और सम्पूर्ण पारिवारिक शांति की स्थापना
विस्तृत लाभ
दाम्पत्य जीवन में अखंड प्रेम, ऐश्वर्य, ज्ञान और सम्पूर्ण पारिवारिक शांति की स्थापना 7।
जप काल
युगल-उपासना के समय, हवन के दौरान (स्वाहा युक्त होने के कारण)।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ क्षेत्राय नमः
क्षरं प्रधानममृताक्षरं हरः क्षरात्मानावीशते देव एकः। तस्याभिध्यानाद्योजनात्तत्त्वभावाद् भूयश्चान्ते विश्वमायानिवृत्तिः॥
ॐ पापकालाय नमः।
ॐ ऐं श्रीं ह्रीं सरस्वत्यै बुधजनन्यै स्वाहा दक्षिणे मां सदाऽवतु। (अर्थ: ज्ञानियों की माता दक्षिण दिशा में रक्षा करें) 8
ॐ आह्लादिन्यै नमः
ॐ कपालपात्रसन्तुष्टायै नमः