त्रैलोक्यनाथ अस्त्र मंत्र
त्रैलोक्यनाथाय नमः ॐ रामाय हुं फट् स्वाहा
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र से क्या होगा?
तीनों लोकों में विजय प्राप्त करने और प्रचंड नकारात्मक ऊर्जा को नष्ट करने हेतु यह अत्यंत उग्र अस्त्र मंत्र है
विस्तृत लाभ
तीनों लोकों में विजय प्राप्त करने और प्रचंड नकारात्मक ऊर्जा को नष्ट करने हेतु यह अत्यंत उग्र अस्त्र मंत्र है 8।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ नमस्ते गणपतये ॥ त्वमेव प्रत्यक्षं तत्त्वमसि ॥ त्वमेव केवलं कर्ताऽसि ॥ त्वमेव केवलं धर्ताऽसि ॥ त्वमेव केवलं हर्ताऽसि ॥ त्वमेव सर्वं खल्विदं ब्रह्मासि ॥ त्वं साक्षादात्माऽसि नित्यम् ॥
भद्रकाल्यै नमो नित्यं सरस्वत्यै नमो नमः। वेदवेदाङ्गवेदान्तविद्यास्थानेभ्य एव च॥
ॐ वृषभासुरविध्वंसिने नमः
ॐ कमलायै नमः
जिन्होंने संपूर्ण पृथ्वी को जीतकर अश्वमेध यज्ञ में महर्षि कश्यप को दान कर दिया, उन पृथ्वी-पति को नमस्कार। (लाभ: संपत्ति एवं राज्याधिकार की प्राप्ति) 19।
ॐ शचीनाथचतुर्वक्त्रदेवदैत्याभिवन्दिताय नमः