शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ अनघास्त्राय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपअजेय रूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिन्हें संसार के किसी भी अस्त्र से भेदा नहीं जा सकता, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
भीषण दुर्घटनाओं, शस्त्र-प्रहार और घातक हथियारों से चमत्कारी रक्षा
विस्तृत लाभ
भीषण दुर्घटनाओं, शस्त्र-प्रहार और घातक हथियारों से चमत्कारी रक्षा।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सिद्धिसेविताय नमः
भयार्तस्वजनत्राणतत्परं धर्मतत्परम्। गतगर्वप्रियं शूरं जमदग्निसुतुं मतम्॥
ॐ जयायै नमः
ॐ अनादिब्रह्मचारिणे नमः
इडा देवहूर्मनुर्यज्ञनीर्बृहस्पतिरुक्थामदानि शंसिषद् विश्वेदेवाः सूक्तवाचः पृथिविमातर्मा मा हिंसीर्मधु मनिष्ये मधु जनिष्ये मधु वक्ष्यामि मधु वदिष्यामि मधुमतीं देवेभ्यो वाचमुद्यासँशुश्रूषेण्यां मनुष्येभ्यस्तं मा देवा अवन्तु शोभायै पितरोऽनुमदन्तु॥
ॐ दीनबन्धवे नमः