शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीराम मंत्र
ॐ अमेयात्मने नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनकी महिमा और रूपों की कोई सीमा नहीं
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सर्वत्र और हर परिस्थिति में सहायता
विस्तृत लाभ
सर्वत्र और हर परिस्थिति में सहायता 82
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
अशोकवृक्षवल्लरीवितानमण्डपस्थिते प्रवालबालपल्लवप्रभारुणाङ्घ्रिकोमले। वराभयस्फुरत्करे प्रभूतसम्पदालये कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
ॐ ह्लीं बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा॥
जय श्री कृष्ण चैतन्य प्रभु नित्यानन्द श्री अद्वैत गदाधर श्रीवासादि गौर भक्त वृन्द
ॐ अव्यग्राय नमः
ॐ भुवनेश्वर्यै नमः
ॐ दुराराध्याय नमः