शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीराम मंत्र
ॐ अनादिनिधनाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनका न कोई आदि है न कोई अंत
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
मृत्यु के शाश्वत भय का समाप्त होना
विस्तृत लाभ
मृत्यु के शाश्वत भय का समाप्त होना 80
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ॐ वल्लीकल्याणसुन्दराय नमः
ॐ सेतुकृते नमः
कराभ्यां परशुं चापं दधानं रेणुकात्मजं। जामदग्न्यं भजे रामं भार्गवं क्षत्रियान्तकं॥
ब्रह्ममुरारिसुरार्चितलिङ्गं निर्मलभासितशोभितलिङ्गम्। जन्मजदुःखविनाशकलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्॥
धृत पाशाङ्कुश कल्पलता स्वरदश्च बीजपूरयुतः । शशिशकल कलितमौली त्रिलोचनोऽरुणश्च गजवदनः ॥ भासुरभूषण दीप्तो बृहदुदर पद्म विष्टरोल्लसितः । विघ्नपयोधरपवनः करधृत कमलः सदास्तु भूत्यै ॥
ॐ कपिसेनानायकाय नमः