शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीराम मंत्र
ॐ सह नाववतु। सह नौ भुनक्तु। सह वीर्यं करवावहै।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारशांति पाठ (वैदिक)
स्वरूपविद्या-प्रदाता नारायण
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
परमात्मा हम दोनों (गुरु-शिष्य) की रक्षा करें, हम साथ मिलकर ऊर्जावान कार्य करें और हमारे अध्ययन में तेजस्विता हो।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
विद्या की निर्विघ्न प्राप्ति और गुरु-शिष्य के मध्य आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार
विस्तृत लाभ
विद्या की निर्विघ्न प्राप्ति और गुरु-शिष्य के मध्य आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार 35।
जप काल
किसी भी शास्त्र या उपनिषद के अध्ययन से पूर्व।
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