शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीराम मंत्र
बालार्कारुणकान्तिर्वामे बालां वहन् अङ्के । लसदिन्दीवर हस्तं गौराङ्गीं रत्नशोभाढ्याम् ॥ दक्षे अङ्कुश वरदानं वामे पाशं च पायसं पात्रम् । नीलांशुक समान पीठपद्मारुणे तिष्ठन् संकटहरणः पायात् ॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
अत्यंत गहरे दुखों, अवसाद, मृत्युभय और बड़े संकटों का निवारण
विस्तृत लाभ
अत्यंत गहरे दुखों, अवसाद, मृत्युभय और बड़े संकटों का निवारण।
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