शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीराम मंत्र
ॐ भायभूतापिशचघ्नाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपभूत-नाशक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
भूत-पिशाच और बुरी शक्तियों का नाश करने वाले को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
ऊपरी हवा, नजर-दोष और तंत्र-प्रयोग (Black magic) से मुक्ति
विस्तृत लाभ
ऊपरी हवा, नजर-दोष और तंत्र-प्रयोग (Black magic) से मुक्ति।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ जामदग्नाय विद्महे महावीराय धीमहि तन्नो परशुरामः प्रचोदयात्
यः पुस्तकाक्षगुण दण्डकमण्डलु श्रीर्निर्वृत्यमान करभूषणमिन्दुवर्णम् । स्तम्बेरमानन चतुष्टय शोभमानं त्वां संस्मरे द्विजगणाधिपते धन्यः ॥
ॐ अधोक्षजाय नमः
आपदामपहर्तारं दातारं सर्वसम्पदाम्। लोकाभिरामं श्रीरामं भूयो भूयो नमाम्यहम्॥
समागच्छ महालक्ष्मि! धन्यधान्यसमन्विते! प्रसीद पुरतः स्थित्वा प्रणतं मां विलोकय॥
ॐ बालाय नमः।