शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीराम मंत्र
ॐ चतुर्वर्गफलप्रदायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपचतुर्वर्ग-प्रदात्री
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष चारों पुरुषार्थों की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष चारों पुरुषार्थों की प्राप्ति
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ॐ विपुलांसाय नमः
को नहिं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो॥
आग्नेये रूरु भैरवाय नमः आग्नेये मां रक्ष रक्ष काल कंटकान् भक्ष भक्ष आवाहयाम्यहं इत्र तिष्ठ तिष्ठ हुं फट् स्वाहा।
ॐ ईश्वर्यै (श्रियै) नमः
अमरिडर थीर अमराम् पुरिन्थाकुमरन आदि नेञ्जे कुरि
यं ब्रह्मा वरुणेन्द्ररुद्रमरुतः स्तुन्वन्ति दिव्यैः स्तवैः वेदैः साङ्गपदक्रमोपनिषदैः गायन्ति यं सामगाः । ध्यानावस्थिततद्गतेन मनसा पश्यन्ति यं योगिनो यस्यान्तं न विदुः सुरासुरगणा देवाय तस्मै नमः ॥