शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
घोर संकट निवारण हेतु मंत्र
दीन दयाल बिरिदु संभारी। हरहु नाथ मम संकट भारी॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारसम्पुट मंत्र / काम्य उपासना मंत्र।
स्वरूपकरुणासागर राम।
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
हे दीनों पर दया करने वाले! अपने 'दीनबंधु' विरद (यश) का स्मरण कर मेरे भारी संकटों को दूर करें।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
जीवन के असाध्य संकटों, दुर्घटनाओं और अचानक आई विपत्तियों से तत्काल रक्षा
विस्तृत लाभ
जीवन के असाध्य संकटों, दुर्घटनाओं और अचानक आई विपत्तियों से तत्काल रक्षा 12।
जप काल
अनुष्ठान के रूप में, दीपक प्रज्वलित कर रुद्राक्ष या तुलसी की माला से।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र