श्रीराम मंत्र
धृत पाशाङ्कुश कल्पलता स्वरदश्च बीजपूरयुतः । शशिशकल कलितमौली त्रिलोचनोऽरुणश्च गजवदनः ॥ भासुरभूषण दीप्तो बृहदुदर पद्म विष्टरोल्लसितः । विघ्नपयोधरपवनः करधृत कमलः सदास्तु भूत्यै ॥
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र से क्या होगा?
तीव्र गति से भयंकर संकटों का निवारण और शीघ्र वरदान
विस्तृत लाभ
तीव्र गति से भयंकर संकटों का निवारण और शीघ्र वरदान।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ स्वाँ हृदयाय नमः, ॐ ह्रीँ शिरसे स्वाहा, ॐ क्लीँ शिखायै वषट्, ॐ ऐँ कवचाय हुं
ख्फ्रेँ ख्फ्रीँ चण्डे चण्डचामुण्डे ह्रीँ हूँ स्त्रीँ छ्रीँ विच्चे घोरे महामदोन्मनि क्लीँ ब्लूँ गुह्येश्वरि ॐ परानिर्वाणे ब्रह्मरूपिणि ॐ फ्रेँ फ्रेँ सिद्धिकरालि आप्यायिनि नवपञ्चचक्रनिलये घोराट्टराविणि कलासहस्रनिवासिनि खँ खँ खँ ह्सौँ फ्रेँ अवर्णेश्वरि प्रकृत्यपर शिवनिर्वाणदे ख्फ्रेँ स्वाहा॥
ॐ ज्वाला नरसिंहाय नमः
ॐ नमो भगवते पंचवदनाय ऊर्ध्व मुखे। हयग्रीवाय सकल जन वशीकरणाय स्वाहा॥
ॐ जगद्वसवे नमः
ॐ श्रीमती नेत्रयुगलं पातु।