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शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

भार्गव कवच (फलश्रुति-सौभाग्य)

जपतां कवचं नित्यं सर्वसौभाग्यपूरितम्। इति श्रीविष्णुयामले उपरिभागे जामदग्न्यदिव्याञ्जनसिद्धिकल्पे श्रीभार्गवकवचं सम्पूर्णम्॥

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारकवच-मंत्र
स्वरूपसर्व-सौभाग्य प्रदाता
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

जो नित्य इस कवच का जप करते हैं, वे सभी सौभाग्यों से परिपूर्ण हो जाते हैं। इस प्रकार विष्णु यामल तंत्र के अंतर्गत श्री भार्गव कवच संपूर्ण हुआ।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

सभी प्रकार के सौभाग्य और सिद्धियों की पूर्णता

विस्तृत लाभ

सभी प्रकार के सौभाग्य और सिद्धियों की पूर्णता।

जप काल

कवच के समापन पर फलश्रुति रूप में पाठ।

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भार्गव कवच (फलश्रुति-सौभाग्य) | Pauranik