शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय ध्यान श्लोक
ज्ञानशक्तिधरः स्कन्दः वल्लीकल्याणसुन्दरः । देवसेनामनःकान्तः कार्तिकेयो नमोऽस्तु ते ॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपदेवसेनापति / वल्लीनाथ
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो ज्ञान-शक्ति (वेल्) धारण करते हैं, जो वल्ली के पति और देवसेना के प्रिय हैं, उन्हें नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
वैवाहिक सुख और पारिवारिक शांति
विस्तृत लाभ
वैवाहिक सुख और पारिवारिक शांति।
जप काल
नित्य पूजा के समय इष्ट-ध्यान।
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