शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीराम मंत्र
ॐ प्रमत्ताय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपप्रमत्त स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो दुष्टों के संहार के समय प्रलयंकारी प्रमत्त रूप धर लेते हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
समाज के महापापियों और घोर अपराधियों को उनके कर्मों का त्वरित दंड मिलना
विस्तृत लाभ
समाज के महापापियों और घोर अपराधियों को उनके कर्मों का त्वरित दंड मिलना।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ ह्रीं सरस्वत्यै स्वाहा शिरो मे पातु सर्वतः। (स्वरूप: ह्रीं-स्वरूपा सरस्वती | लाभ: मस्तिष्क और सहस्रार चक्र की सभी दिशाओं से रक्षा | अर्थ: ह्रीं बीज रूपी सरस्वती मेरे सिर की सब ओर से रक्षा करें) 8
ॐ दीप्तायै नमः
ॐ शूराय नमः
ॐ अशोकवनिकाच्छेत्रे नमः
ॐ सर्वोपास्याय नमः
नितम्बबिम्बरुलम्बमानपुष्पमेखले प्रशस्तरलकिङ्किणीकलापमध्यमञ्जुले। करीन्द्रशुण्डदण्डिकாவरोहसौभगोरुके कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥