शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नारद पुराण दशाक्षरी राम मंत्र
रामाय धनुष्पाणये स्वाहा
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारअस्त्र / सुरक्षा मंत्र
स्वरूपधनुषधारी राम
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
हाथ में धनुष धारण करने वाले राम को यह आहुति समर्पित है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
भूत-प्रेत, ऊपरी बाधा, शत्रु व अन्य अदृश्य बाधाओं का निवारण
विस्तृत लाभ
भूत-प्रेत, ऊपरी बाधा, शत्रु व अन्य अदृश्य बाधाओं का निवारण 7।
जप काल
रक्षा अनुष्ठान में, अग्नि में आहुति देते समय।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ भूतादये नमः
जो अत्यंत तेजस्वी और महाप्रतापी हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: व्यक्तित्व में तेज और ओज की वृद्धि) 19।
ॐ प्रमत्ताय नमः
ॐ ऐं भ्रीं हनुमते, श्री राम दूताय नमः॥
ॐ पद्मोद्भवायै नमः
क्षरं प्रधानममृताक्षरं हरः क्षरात्मानावीशते देव एकः। तस्याभिध्यानाद्योजनात्तत्त्वभावाद् भूयश्चान्ते विश्वमायानिवृत्तिः॥