शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीराम मंत्र
ॐ सच्चिदानन्दविग्रहाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपसच्चिदानंद
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनका शरीर पांच भौतिक तत्त्वों से नहीं, अपितु सत्, चित् और आनंद से बना है, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
जीवन के प्रत्येक क्षण में परमानंद की अनुभूति
02
दुखों का आत्यंतिक अभाव
विस्तृत लाभ
जीवन के प्रत्येक क्षण में परमानंद की अनुभूति; दुखों का आत्यंतिक अभाव।
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मुनीन्द्रवृन्दवन्दिते त्रिलोकशोकहारिणि प्रसन्नवक्त्रपङ्कजे निकुञ्जभूविलासिनि। व्रजेन्द्रभानुनन्दिनि व्रजेन्द्रसूनुसङ्गते कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥ मुनीन्द्र-वन्दिते (ऋषियों द्वारा वंदित)