सुदर्शन-नरसिंह महामंत्र
ॐ सहस्रार ज्वालावर्तिने क्ष्रौम् हन हन हुं फट् स्वाहा
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
हे हजारों अरों (Spokes) वाले, ज्वालाओं से घिरे सुदर्शन नरसिंह (क्ष्रौम् बीज)! शत्रुओं का हनन करें। स्वाहा।
इस मंत्र से क्या होगा?
घोर शत्रु, असाध्य रोग, और प्रेत-बाधा का समूल नाश
अजेय सुरक्षा चक्र का निर्माण
विस्तृत लाभ
घोर शत्रु, असाध्य रोग, और प्रेत-बाधा का समूल नाश। अजेय सुरक्षा चक्र का निर्माण।
जप काल
अस्त्र न्यास के साथ पुरश्चरण। तांत्रिक विधि से गुरु के निर्देशानुसार।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ ह्लीं श्रीराधिकायै नमः
ॐ चन्द्रवर्णाय नमः
ॐ वराहाय नमः
भर्जनं भवबीजानामर्जनं सुखसम्पदाम्। तर्जनं यमदूतानां राम रामेति गर्जनम्॥
जो महर्षि भृगु के पवित्र वंश को आनंदित करने वाले हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: कुल-गोत्र की वृद्धि) 19।
सरस्वति नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणि। विद्यारम्भं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु मे सदा॥