शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीराम मंत्र
ॐ सर्ववासाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपसबमें बसने वाले
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो सभी चराचर प्राणियों के भीतर चेतना रूप में निवास करते हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सर्वदृष्टि
विस्तृत लाभ
सर्वदृष्टि
जप काल
नित्य
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ प्रतर्दनाय नमः
ॐ श्रीकृष्णवल्लभायै नमः
कामदेवाय सर्वजनप्रियाय सर्वजनसम्मोहनाय ज्वल ज्वल प्रज्वल प्रज्वल सर्वजनस्य हृदयं मे वशं कुरु कुरु स्वाहा ॥
श्वेते वृषे समारूढा श्वेताम्बरधरा शुचिः। महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा॥
ॐ सुग्रीवेप्सितराजदाय नमः
जीवातुश्च मे दीर्घायुत्वं च मेऽनमित्रं च मेऽभयं च मे...