शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीराम मंत्र
ॐ शब्दब्रह्ममयाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपनाद-स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
शब्द-ब्रह्म (नाद) स्वरूप देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
मंत्रों की सिद्धि और नादानुसंधान योग में सफलता
विस्तृत लाभ
मंत्रों की सिद्धि और नादानुसंधान योग में सफलता।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ भावनाय नमः
कृष्णाय वासुदेवाय देवकीनन्दनाय च । नन्दगोपकुमाराय गोविन्दाय नमो नमः ॥
ॐ अध्यक्षरायै नमः
सिंहासनगता नित्यं पद्माञ्चितकरद्वया। शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी॥
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये अष्टदिक्पालाः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
पूरो मंत्र ईश्वरों वाचा ओम हनुमत वेदर वेग वेग आओ अमुक बंधी को बंधन से छुड़ाओ भेड़ी तोड़ो ताला तोड़ो बंधन धन तोड़ो मोडा अमुक बंधी को बंधन से छुड़ाओ मेरी भक्ति गुरु की शक्ति। पूरो मंत्र ईश्वरों वाचा।