शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीराम मंत्र
ॐ शङ्करात्मजाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपशिवपुत्र
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
भगवान शंकर के पुत्र को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
भगवान शिव और स्कंद दोनों की कृपा
विस्तृत लाभ
भगवान शिव और स्कंद दोनों की कृपा।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ख्फ्रेँ ख्फ्रीँ चण्डे चण्डचामुण्डे ह्रीँ हूँ स्त्रीँ छ्रीँ विच्चे घोरे महामदोन्मनि क्लीँ ब्लूँ गुह्येश्वरि ॐ परानिर्वाणे ब्रह्मरूपिणि ॐ फ्रेँ फ्रेँ सिद्धिकरालि आप्यायिनि नवपञ्चचक्रनिलये घोराट्टराविणि कलासहस्रनिवासिनि खँ खँ खँ ह्सौँ फ्रेँ अवर्णेश्वरि प्रकृत्यपर शिवनिर्वाणदे ख्फ्रेँ स्वाहा॥
ॐ चुं चण्डीश्वराय तेजस्याय चुं ॐ फट्
ॐ वित्तायै नमः
ॐ देव्यै नमः
ॐ शर्वाण्यै नमः
ॐ नृं नृं नृं नरसिंहाय नमः