शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीराम मंत्र
ॐ वराहमूर्तिमते नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपयज्ञ-वराह
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
वराह भगवान का मूर्त रूप धारण करने वाले को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
भूमि-दोष निवारण
विस्तृत लाभ
भूमि-दोष निवारण
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
मार्गणाशोषिताभ्ध्यंशं पावनं चिरजीवनम्। य एतानि जपेन्द्रामनामानि स कृती भवेत्॥
नीलाब्ज दाडिमी वीणा शालि गुञ्जाक्ष सूत्रकम् । दधदुच्छिष्ट नामायं गणेशः पातु मोक्षदः ॥
अहं सोममाहनसं बिभर्म्यहं त्वष्टारमुत पूषणं भगम्। अहं दधामि द्रविणं हविष्मते सुप्राव्ये यजमानाय सुन्वते॥
ॐ चतुर्दंष्ट्राय नमः
ॐ आदिपुरुषाय नमः
ॐ कमलासनवासिन्यै नमः