शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीराम मंत्र
ॐ वरप्रभवे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपवरदाता
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
श्रेष्ठ वरदान देने में समर्थ प्रभु को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
वर्षों से रुकी हुई मनोकामनाओं की पूर्णता
विस्तृत लाभ
वर्षों से रुकी हुई मनोकामनाओं की पूर्णता।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ ह्रीं वाग्वादिन्यै स्वाहा नासां मे सर्वतोऽवतु। (स्वरूप: वाग्वादिनी | लाभ: प्राण-वायु और नासिका की रक्षा | अर्थ: वाग्वादिनी नासिका की सभी प्रकार से रक्षा करें) 8
ॐ सागरोत्तारकाय नमः
ॐ त्रिवृत्ततनयाय नमः।
ॐ कपालदुर्गकारिण्यै नमः
ॐ नारायणसमाश्रितायै नमः
ॐ अहं रुद्रेभिर्वसुभिश्चराम्यहमादित्यैरुत विश्वदेवैः। अहं मित्रावरुणोभा बिभर्म्यहमिन्द्राग्नी अहमश्विनोभा॥